स्वर्ण नगरी जैसलमेर में मरु महोत्सव की शुरूआत

महीप भाटिया संवाददाता पर्यटन खबर जैसलमेर /अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त तीन दिवसीय 40 वां मरु महोत्सव 2019 की शुरूआत रविवार, 17 फरवरी को स्वर्णनगरी जैसलमेर के पवित्र गडीसर सरोवर से आकर्षक शोभायात्रा के साथ हुआ। जिला कलक्टर नमित मेहता, जैसलमेर विधायक रूपाराम धनदेव, जिला प्रमुख श्रीमती अंजना मेघवाल, पुलिस अधीक्षक डॉ.किरण कंग ने हरी झंडी दिखाकर इस भव्य शोभा यात्रा को रवाना किया। शहीदों को श्रद्वाजंलि के रूप में बास्केट बॉल अकादमी के खिलाडी तिरंगा हाथों में लिए हुए उनको श्रद्वासुमन अर्पित कर रहें थें वहीं सबसे आगे मरू महोत्सव 2019 का बैनर लिए लोक कलाकार चल रहें थें। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर वीरेन्द्र कुमार वर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामेष्वर मीणा के साथ ही नगर के प्रबुद्व नागरिक, जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। यह शोभा यात्रा गडीसर प्रोल पर लगाये गये प्रवेष द्वार में से होती हुई बहुरंगी संस्कृति का नजारा पेष कर रही थी। शोभायात्रा में किषनीदेवी मगनीराम मोहता राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक की छात्राओं ने रंग-बिरंगी पोषाक पहने हुए अपने सिर पर मंगल कलष धारण किये चल रही थी जो शोभायात्रा का आकर्षण केन्द्र रही। मरु इन्द्र धनुषी लोक रंगो का दिग्दर्षन मरु संस्कृति के इन्द्रधनुषी लोक रंगों और माधुर्य सिक्त रसों का दिग्दर्शन कराती शोभायात्रा को देखने शहर भर में जन ज्वार उमड़ आया। रास्ते भर का शोभायात्रा का जोश-खरोश के साथ स्वागत किया गया। देश के विभिन्न हिस्सों से आये मशहूर कलाकारों के समूहों ने शोभायात्रा के पूरे मार्ग में अपनी शानदार प्रस्तुतियां दिखाते हुए भारतवर्ष की वैविध्यपूर्ण लोक सांस्कृतिक धराओं से रूबरू कराया। शोभायात्रा के मार्ग पर नगर के वाषिंदें अपने मकानों पर खडें होकर देख रहे थे वहीं शोभायात्रा पर उत्सव का इजहार करते हुए फूल बरसा रहें थें। शोभायात्रा का गोपा चौक पर दुर्ग के वासिंदों ने भव्य स्वागत किया एवं फूल बरसाये। सीमा सुरक्षा बल के केमल माउण्टेन बैंड एवं रण बांकुरों ने बढाई शोभा यार्त्रा शोभा शोभायात्रा में जोधपुर के राजेन्द्र परिहार ने बांकिया वादन व शानदार शहनाई वादन की प्रस्तुती कर शुभ कार्य की शुरूआत का परिचय दिया। शोभायात्रा में सीमा सुरक्षा बल के विष्व के आठवें अजूबे कैमल माउन्टेंन बैण्ड के बैण्ड मास्टर सब इंस्पेक्टर बोधराज के निर्देषन में बैण्ड पर राजस्थानी गीतों पर मधूर धूने पेष कर पूरे महौल को संगीत से सरोबार सा कर दिया। इस शोभायात्रा में उप समादेष्टा सीमा सुरक्षा बल कुलदीप सिंह चौधरी के नेतृत्व में 40 उंटों का सीमा सुरक्षा बल का कारवां चल रहा था जिसको देखकर हर सैलानी आकर्षित हो रहा था एवं सर पर केसरिया धारण ये रणबांकुरें वास्तव में शोभयात्रा की शान नजर आ रहे थें। शोभा यात्रा मे रॉयल डेजर्ट कैमल के बांके जवान सजे धजे एवं अपने सिर पर छत्री लिए हुए इतने सुन्दर लग रहे थें कि मेले मे शरीक हुए देषी - विदेषी सैलानियों ने अपने कैमरों मे कैद किया वहीं इसकी विडीयोग्राफी भी अपनी यादों को संजोय रखने के लिए की। शोभायात्रा में खाजूवाला के मष्कवादक ओमप्रकाष भील ने मष्कवादन से संगती की स्वर लहरिया पेष कर सभी का मनमोहित कर दिया। शोभायात्रा में बालोतरा कमुवाडा के हमीराराम एवं उनके दल द्वारा लालआंगी गैर नृत्य प्रस्तुंत कर पूरे माहोल को होली के रंग से सरोबार सा कर दिया। वहीं समुदडी के हरीष कुमार ने सफेद आंगी गैर नृत्य प्रस्तुत किया। पोकरण के रेंवताराम ने कच्छी घोडी नृत्य पेष कर पूरे उत्सव को खुषनुमा कर दिया। शोभा यात्रा की शोभा बढाते मरूश्री के प्रतिभागी शोभा यात्रा में उंटों पर सवार मरूश्री के सजे-धजे प्रतिभागी अपने हाथों में तलवार लिए शोभा बढा रहें थें वहीं पूर्व मरू श्री जितेन्द्र खत्री, विजय बल्लाणी, श्याम कल्ला, मनीष रामदेव ने मरू श्री की पोषाक पहने हुए इस शोभा यात्रा की शोभा बढा रहे थें। मूमल - महेन्द्रा की झांकिया रही आकर्षक शोभायात्रा में मूमल-महेन्द्रा के प्रतिभागी ऊँटों पर बैठे बहुत सुंदर लग रहे थे। शोभा यात्रा कमान खेल अधिकारी लक्ष्मणसिंह तंवर एवं बास्केट बॉल कोच राकेष विष्नोई ने संभाली। यह शोभा यात्रा गडीसर सरोवर से प्रारंभ होती हुई आसनी रोड, सालमसिंह की हवेली, गोपा चौक, जिन्दानी चौक, गांधी चौक, हनुमान चौराहा होती हुई शहीद पूनमसिंह स्टेडियम पहुँच कर समारोह में परिवर्तित हो गई। लगभग डेढ किलोमीटर की यात्रा तय करके पूनम सिंह स्टेडियम पंहुच गई। जहां पर वे मंच के आगे लोक नृत्य करते हुए गुजरें। शोभा यात्रा के पूरे मार्ग में कलाकारों ने पेष की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शोभायात्रा में पारम्परिक वेशभूषा, आँचलिक संस्कृति, लोकजीवन, लोकवाद्यों, गीत-नृत्यों, मूमल-महेन्द्रा झॉंकियों के समावेश ने यादगार छाप छोड़ी। शोभा यात्रा में रंग बिरंगी पोषाको में स्थानीय लोक कलाकर अपने लोक वाद्यों के माध्यम से राजस्थानी गीतो को प्रस्तुत कर पूरे मार्ग को सांस्कृतिक झलकी से सरोबार सा कर दिया। शोभा यात्रा में लालआंगी गैर के लोक कलाकारों ने जगह-जगह पर गैर नृत्य प्रस्तुत किया। संस्कृति की रंग में रम गये देषी - विदेषी सैलानी इस बहुरंगी शोभायात्रा में अच्छी संख्या में विदेषी सैलानी शामिल हुए एवं उन्होंने इस मरु महोत्सव की शोभा यात्रा से की गई। इस भव्य शुभारंभ कार्यक्रम को उत्साह के साथ देखा एवं वे भी राजस्थानी एवं भारतीय संस्कृति से ओतप्रोत से हो गये। वहीं उन्होंने शोभायात्रा के सभी दृष्यां की फोटोग्राफी की। इस शोभायात्रा का देषी सैलानियों ने भी भरपूर लुत्फ उठाया। इस अवसर पर उपअधीक्षक पुलिस महेन्द्रसिंह, नगर परिषद के सचिव झब्बरसिंह, उप निदेषक पर्यटक स्वागत केन्द्र भानुप्रताप, सहायक पर्यटन अधिकारी खेमेन्द्र सिंह जाम के साथ ही नगर के प्रबुद्व नागरिक, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में देषी-विदेषी सैलानी व कलाकार भी शामिल थे।

रिलेटेड पोस्ट्स