बर्लिन शहर की खूबसूरती को देखने के लिए साइकिल से करें सफर

र्लिन शहर बहुत ही खूबसूरत और साफ-सुथरा है। इस शहर की खूबसूरती को अच्छे से एक्सप्लोर करना चाहते हैं तो बस या मेट्रो से नहीं बल्कि साइकिल से करें सफर।नीला आकाश और हवाओं में ताजगी लिए ऐतिहासिक शहर बर्लिन की सैर का आनंद साइकिल में ही है। यहां किराये की साइकिल लेकर पूरा शहर घूमा जा सकता है। इस शहर में टूरिस्ट्स के लिए क्या है खास जानेंगे इसके बारे मेंआकाश और हवाओं में ताजगी लिए ऐतिहासिक शहर बर्लिन की सैर का आनंद साइकिल में ही है। यहां किराये की साइकिल लेकर पूरा शहर घूमा जा सकता है। इस शहर में टूरिस्ट्स के लिए क्या है खास जानेंगे इसके बारे में।टिएरगोर्टेन बाग टिएरगार्टेन यानी एक सदी पहले तक बर्लिन के सभ्रांत परिवार के सदस्यों का आखेट स्थल। यह शहर के बीचोंबीच 300 एकड़ में फैला एक घना लेकिन बहुत व्यवस्थित विशाल बाग है। इसके बीच में कई झील हैं और इसमें बच्चों के खेलने के लिए कई पार्क व घास के मैदान भी हैं। वैसे दिल्ली वालों के लिए तो बर्लिन का स्वच्छ नीला आकाश ही रोमांच भरने के लिए काफी होता है लेकिन टिएरगार्टेन की साफ हवा की बात ही कुछ और है। वैसी ताजगी हम अपने देश में पूर्वोतर राज्यों उत्तराखंड, कश्मीर या हिमाचल के पहाड़ों में ही महसूस कर सकते हैं। लेकिन बर्लिन 800 वर्ग किलोमीटर में फैला व 36लाख की आबादी वाला दुनिया का एक आधुनिकतम शहर है। फैमिली वेकेशन पर जा रहे हैं तो होटल बुकिंग करते वक्त इन बातों का रखें ध्यान यह भी पढ़ें स्प्री नदी टिएरगार्टेन के पास स्प्री नदी है, जिसके दोनों तरफ भी साइकिल की सवारी का आनंद लिया जा सकता है। स्प्री नदी में क्रूज की सुविधा भी अवेलेबल है। तकरीबन 90मिनट के क्रूज के सफर में बर्लिन के इतिहास की जानकारी दी जाती है जिसे इंटरनेट या किताबों के जरिए जानने में काफी वक्त लगता। स्प्री रीवर एक तरह से बर्लिन की संस्कृति का एक अहम हिस्सा है। इस नदी के एक तरफ जहां एक से बढ़कर एक ऐतिहासिक इमारतें हैं वहीं दूसरी तरफ तफरीह करने वालों और पर्यटकों की भीड़ होती है। नदी के आसपास अपने हुनर का प्रदर्शन करने वाले कलाकारों से भी रूबरू होने का मौका मिलता है। बर्लिन जैसे स्ट्रीट कलाकार शायद ही कहीं देखने को मिलेंगे। जिनमें से कोई कपल्स डांस सिखा रहा है, तो कोई पुराने कंट्री सांग्स सुना रहा है। आप घंटों बैठकर इनका लुत्फ उठा सकते हैं लेकिन जाने से पहले इन्हें कुछ इनाम देना न भूलें। दुनिया की सबसे ज्यादा बारिश वाली जगह चेरापूंजी में और भी बहुत कुछ है खास यह भी पढ़ें आइलैंड के म्यूजियम नाश्ते में बत्तख का भ्रूण तो फेस्टिवल में बेबी पिग से बनने वाली डिश खाते हैं फिलीपींस के लोग यह भी पढ़ें स्प्री रीवर के पास ही स्थित म्यूजियम आइलैंड यानी म्यूजियमों का द्वीप। दिलचस्प है कि यहां 5 म्यूजियम हैं। सभी 5 म्यूजियमों को ठीक से घूमने के लिए आपको कम से कम तीन दिन चाहिए। न्यूस म्यूजियम (नया म्यूजियम), दूसरे विश्र्वयुद्ध के बारे में जानने के लिए इससे बेहतर जगह कोई और नहीं हो सकती। यहां हिटलर के काल-खंड का पूरा इतिहास मौजूद है। हिटलर एक शासक के तौर पर प्रोपेगंडा का कितना इस्तेमाल करता था इसकी बानगी भी यहां मौजूद है जो किसी भी सामान्य इंसान को अंदर से हिला देती है। यहां दूसरे वर्ल्ड वार से पहले एक जर्मन परिवार के बच्चे के कमरे को प्रदर्शित किया गया है। बच्चे के कमरे की दीवार पर हिटलर की तस्वीर है क्योंकि तब सरकार की तरफ से बताया जाता था कि अगर छोटे बच्चों के कमरे में हिटलर की फोटो होगी तो वह ज्यादा तेज और देशभक्त निकलेगा। चेन्नई में शुरू हुआ देश का दूसरा रेल कोच रेस्टोरेंट यह भी पढ़ें रिचस्टैग बिल्डिंग यानी जर्मनी के संसद भवन की इमारत साल 1894 में बनी यह बिल्डिंग आज बर्लिन का सबसे आकर्षक टूरिस्ट स्पॉट है। साल 1933 में यह आग से पूरी तरह से खत्म हो गया था। कई दशकों तक यूं ही पड़ा रहा। बाद में जर्मनी का एकीकरण होने के बाद अब इसका इस्तेमाल फिर से संसद भवन के तौर पर हो रहा है। इसके ऊपर बनी डोम तक जाने के लिए आपको एक दिन पहले ऑनलाइन रिजर्वेशन कराना होता है। लेकिन वहां पहुंचने के बाद पूरे बर्लिन का नजारा देखना अपने आप में एक अलग एक्सपीरियंस होता है। मैकलोडगंज जहां अकेले जाकर भी कर सकते हैं जमकर मस्ती यह भी पढ़ें चेकप्वाइंट चार्ली और बर्लिन वॉल गुजरात की इस बर्ड सेंचुरी में देखने को मिलते हैं 200 से भी ज्यादा प्रकार के पक्षी यह भी पढ़ें शीतकालीन युद्ध किस तरह से आम जनता की जिंदगी को प्रभावित कर रहा था, इसे बर्लिन वॉल से बेहतर और कोई नहीं समझा सकता। यहां के ज्यादातर टूरिस्ट और मेमोरियल स्पॉट मेट्रो और पब्लिक बस सिस्टम से जुड़े हुए हैं। बरघेन नाइट क्लब रोड ट्रिप पर जा रहे हैं तो इन चीज़ों को जरूर रखें अपने साथ यह भी पढ़ें इसे दुनिया का सबसे बेहतरीन नाइट क्लब माना जाता है। बर्लिन के ओस्टवैहॉफ रेलवे स्टेशन के नजदीक स्थित इस क्लब में आने के नियम बहुत ही अलग हैं। यह 24 घंटे खुली होती है और हमेशा लोग लाइन में लगे हुए नजर आएंगे। जितने को अंदर जाने की अनुमति मिलती है उससे ज्यादा को वापस भेज दिया जाता है। एक तरह से इसने अपना एक कल्ट बना लिया है। एंट्री के वक्त आपने अगर बहुत फैंसी कपड़े पहने हैं तो शायद ही अंदर जा पाएं। नार्मल ब्लैक जींस और ब्लैक टी-शर्ट में आराम से एंट्री मिल जाएगी। साथ ही थोड़ी बहुत जर्मन भाषा आती हो तो बेहतर रहेगा। 

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